तेरा प्यार हूँ

आज तूने मेरे ख्वाबों में दस्तक दिये,
आज से अपनी साँसों का कर्जदार हूँ।

कल टूटते तारों ने मेरी हसरतों से कहा,
दिल छोटा न कर मैं तेरा ऎतबार हूँ।

तुम्हें यकीन हो न हो मेरे साफगोई का,
मैं इश्क बन तेरे जिगर से आर-पार हूँ।

वक्त हो तो मुझपर भी एक नजर देना,
पाक नियत का मैं जिंदा इश्तहार हूँ।

डाल से टूटा हुआ गुल चाक क्या होवे,
लूटा हूँ इस कदर कि खुद का रोजगार हूँ।

’तन्हा’ की हैसियत क्या? क्या कहूँ जग से,
गर याद आऊँ तुझे तो समझो यादगार हूँ।

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